एसएसपी मुजफ्फरनगर सूरज कुमार राय ने बताया कि पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि मेरठ-करनाल हाईवे पर कुछ लोग नकली करेंसी की सप्लाई करने के लिए पहुंचने वाले हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी की और मौके से शुभम, महेंद्र और टीनू को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और नकली नोटों की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जांच कर रही है।
वेब सीरीज देखकर आया नकली नोट बनाने का आइडिया
पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी शुभम ने बताया कि उसने एक बार ‘फर्जी’ नाम की वेब सीरीज देखी थी। इसके बाद उसके मन में नकली नोट बनाकर जल्दी अमीर बनने का विचार आया। पुलिस के अनुसार, उसने अपने साथियों के साथ मिलकर इस योजना पर काम शुरू कर दिया।
आरोपियों ने कथित तौर पर दिल्ली के नरेला स्थित एक फ्लैट में नकली नोट छापने का काम शुरू किया था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने नकली नोट तैयार करने से जुड़ी जानकारी यूट्यूब से हासिल की थी। पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपी मुख्य रूप से प्रिंटिंग का काम करते थे और इसी अनुभव का इस्तेमाल नकली करेंसी तैयार करने में कर रहे थे।
महाराष्ट्र से आता था नोट छापने का कागज
एसएसपी के मुताबिक, गिरोह को नकली नोट बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाला विशेष कागज महाराष्ट्र से भेजा जाता था। पूछताछ में गणेश नाम के एक व्यक्ति का नाम सामने आया है, जो कथित तौर पर गिरोह को कागज उपलब्ध कराता था। पुलिस इस सप्लायर की भूमिका की जांच कर रही है और उसे पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपी कागज पर पहले से मौजूद नीले रंग की प्रिंटिंग का इस्तेमाल करते थे। इसके बाद उस पर 500 रुपये के नोट का प्रारूप छापा जाता था, ताकि नकली करेंसी देखने में असली जैसी लगे। हालांकि, बरामद नोटों की गुणवत्ता और उनके इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।
दिल्ली और उत्तर प्रदेश में सप्लाई की आशंका
पुलिस को पूछताछ के दौरान जानकारी मिली कि गिरोह नकली नोट तैयार करने के बाद दिल्ली, उत्तर प्रदेश और अन्य स्थानों पर उनकी सप्लाई करता था। इस काम से मोटा मुनाफा कमाने की कोशिश की जा रही थी। पुलिस अब उन लोगों की पहचान करने में जुटी है, जो नकली नोटों को बाजार तक पहुंचाने में मदद करते थे।
एसएसपी सूरज कुमार राय ने बताया कि पूछताछ में सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस इन आरोपियों की भूमिका की पुष्टि करने के लिए जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल अन्य लोगों को भी जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जाएगा।
पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का इनाम
इस कार्रवाई को एसपी ग्रामीण और सीओ बुढ़ाना के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। बुढ़ाना कोतवाली प्रभारी और उनकी टीम ने आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई में शामिल टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत में पेश किया गया और उन्हें जेल भेज दिया गया। अब जांच का मुख्य फोकस नकली करेंसी के स्रोत, सप्लाई नेटवर्क और महाराष्ट्र से कागज भेजने वाले कथित व्यक्ति की भूमिका पर है।
पुलिस का कहना है कि मामले में सामने आने वाले अन्य आरोपियों के खिलाफ भी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। इस गिरोह का पर्दाफाश होने से नकली नोटों की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क के बारे में अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है।

